क्यों बने हो दुश्मन भाइयों, क्यों अनपढ़ लोगों के बहकावे मे आकर भारत के टुकड़े करने मे जुटे हो, बिना हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई के किस तरह के भारत की कल्पना करती है ये सरकार मालूम नहीं, ये देश बिना दशहरा, दिवाली, ईद, क्रिसमस, लोहड़ी के कैसा होगा इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, किस तरह के हिंदुत्व की बात ये सरकार करती हैं, आज भारत का युवा सब समझ रहा हैं क्या होने वाला है आने वाले भविष्य में इस देश का और देश में रहने वाले लोगों का इस लिए हर विश्विद्यालय के छात्रः आज सड़कों पर उतरे हैं, मेरे भी कई दोस्त मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई हैं मुझे उसने भी उतना लगाव है जितना खुद से... ये देश उनका था उनका है और उनका ही उनका ही रहेगा, जी भारत की मिट्टी मे जन्मा है उसका कर्तव्य हैं सबकी देख रेख करना, इसी मिट्टी का नमक हिन्दू भी खाता है, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई भी खाता है तो वो देश का कैसे नहीं हुआ I
धर्म और राष्ट्र दोनों की परिभाषा बिल्कुल अलग है, धर्म इंसान की और भगवान के बीच की व्यक्तिगत इच्छित आजादी हैं अपने अनुकूल अनुसरण करने की परंतु राष्ट्र सभी धर्मों की सयुंक्त होकर समझने की परिभाषा को प्रदर्शित करता है.... एक धर्म के लिए राष्ट्र को तबाह करना ये किसी भी दृष्टि से उचित नहीं हो सकता,... चाहें आप हिन्दू हो, मुस्लिम हो, सिक्ख हो या फिर ईसाई हो यदि आप अपने ही देश में आंतरिक युद्ध द्वेष करेंगे तो ये सफेदपोश धारक अपवाद आप सभी को आपस में उलझा कर ही रखेंगे, जात - धर्म आदि के नाम पर .... सभी बुद्धजीवि वर्ण के लोगों से यही उम्मीद करूंगा कि सयुंक्त रहे और एक जुट होकर आपने युवाओं के साथ खड़े हों... जब आप अपने ही घर मे अकेले ही रह जाओगी तो खुद ही दम घुट जाएगा और मरने पर मजबूर हो जाओगे...... ये सफेदपोश केवल आप सभी को तोड़ कर कमजोर कर देना चाहते हैं....... सम्भल कर रहो..... कहा गया वो नारा जो बचपन से देते आए हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई आपस मे है भाई भाई..... दुनिया का कोई बाग एक प्रकार के फूलों से सुशोभित नहीं हो सकता... ये चारो धर्म भारत के वो फूल हैं जिनके बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती......
India is diverse country का जो statement आज तक हम निबंधों मे लिखते और पढ़ते आए, फिर शायद ये बोलने के लिए कोई बचेगा ही नहीं कि "भारत विविधताओं के देश है"
लेखक :
Er. RAM SINGH (CEO)
SAFETY AGAINST FUTURE EVENTS (SAFE)
सुरक्षित भविष्य की परिकल्पना
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